अमृता विश्व विद्यापीठम दे रहा ग्रामीणों को प्रशिक्षण,युवतियां भी सीख रही बाइक रिपेयरिंग करना

कोण्डागांव
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाय) के तहत अमृता विश्व विद्यापीठम नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोंडागांव और मालगांव के युवाओं को प्रशिक्षण देने में जुटा हुआ है, जिसके तहत अब 195 युवाओं ने इसका लाभ भी ले चुके हैं। इस प्रशिक्षण शिविर में युवाओं के साथ-साथ युवतियां भी बाइक को रिपेयरिंग करना सीख रही हैं ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में वे नया रोजगार खोल कर अपना जीवन-यापन कर सकें।

प्रशिक्षण शिविर के बारे में जानकारी देते हुए आॅपरेशनल लीड प्रेमा पिल्लई ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवा व स्कूली छात्र अक्सर उपेक्षा, संसाधनों की कमी, शिक्षा के निम्न स्तर और रोजगार की धुंधली संभावनाओं का शिकार होते हैं। अगर वे शहरों की ओर भी जाते हैं तो उन्हें कौशल-विहीन रोजगार के अवसर मिलते हैं और उन्हें अनौपचारिक अनुबंधों के तहत काम करने के लिए मजबूर किया जाता है, जो उनके लिए घाटे का सौदा साबित होता है। प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रदान किये जाने वाले प्रमाण पत्रों के अभावों के चलते वे अच्छा वेतन पाने में असमर्थ रहते हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थित स्कूलों की आर्थिक हालत अक्सर खस्ता होती है, टेक्नोलॉजी से संबंधित उनकी ढांचागत सुविधाएं ख?ाब होती हैं और टेक्नोलॉजी से संबंधित शिक्षा प्रदान करन ेवाले शिक्षक भी अच्छी तरह से प्रशिक्षित नहीं होते हैं। ऐसे में अमृता विद्यापीठ द्वारा युवाओं को उद्योग केंद्रित कौशल और प्रशिक्षण प्रदान किये जाने से उन्हें इसका आर्थिक एवं सामाजिक लाभ हासिल होता है, जिससे उन्हें बेहतर ढंग से अपनी आजीविका चलाने में मदद हासिल होती है।

इसी के तहत पीएमकेवीवाय के माध्यम से छत्तीसगढ़ में अब 195 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और वे आज शहरों में काम करके अच्छा खासा वेतन पा रहे है। इस प्रशिक्षण शिविर में युवतियों ने भी भाग लिया था और वे युवाओं की तरह बाइक रिपेयरिंग करना सीख रही हैं और यहां से प्रशिक्षण लेने के बाद अपने गांव में दुकान खोलकर जीवन यापन करने की बात कही रही हैं। इस प्रशिक्षण शिविर में प्लम्बिंग जनरल, आॅटोमेटिव सर्विस टेक्नीशियन (2 एवं 3 व्हील रीपेयर, स्वरोजगार संबंधी टेलर, जनरल ड्यूटी एसिसटेंड और डोमेस्टिक डाटा एंट्री आॅपरेटर जैसे अल्पकालिक कोर्स सिखाए जाते हैं।