अफगानिस्तान में अभी भी मौजूद हैं आतंकी संगठन अल-कायदा और इस्‍लामिक स्‍टेट: अमेरिका 

वाशिंगटन
तालिबान का कब्जा होने के बाद अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि आतंकी संगठन अलकायदा अफगानिस्तान में मौजूद है। पेंटागन के प्रेस सचिव जान किर्बी ने कहा है कि अलकायदा की क्षमता अब इतनी नहीं है कि वह हमारी जमीन के लिए खतरा बन सके। विशेषज्ञ इस बात से चिंतित हैं कि तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान फिर आतंकियों की शरणस्थली बन रहा है। जान किर्बी ने बताया कि हमें इस बात की जानकारी है कि अफगानिस्तान में अलकायदा के साथ ही आइएसआइस भी मौजूद है। 

संख्‍या बताना मुश्किल
समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक जान किर्बी ने कहा कि हमने इस संबंध में बात की है। अलकायदा के आतंकियों की संख्या के बारे में अभी बताना मुश्किल है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इससे पूर्व यह बयान दिया था कि अलकायदा जब चला गया है तो अफगानिस्तान में हमारी क्या रूचि हो सकती है। बाइडन के बयान का बचाव करते हुए जान किर्बी ने कहा कि हम ऐसा मानते हैं कि अलकायदा की उतनी उपस्थिति नहीं है, जितनी 9/11 हमले के दौरान थी। तालिबान का कब्जा होने के बाद अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि आतंकी संगठन अलकायदा अफगानिस्तान में मौजूद है। वहीं विशेषज्ञ इस बात से चिंतित हैं कि तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान फिर आतंकियों की शरणस्थली बन रहा है।

संख्‍या बताना मुश्किल
समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक जान किर्बी ने कहा कि हमने इस संबंध में बात की है। अलकायदा के आतंकियों की संख्या के बारे में अभी बताना मुश्किल है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इससे पूर्व यह बयान दिया था कि अलकायदा जब चला गया है तो अफगानिस्तान में हमारी क्या रूचि हो सकती है। बाइडन के बयान का बचाव करते हुए जान किर्बी ने कहा कि हम ऐसा मानते हैं कि अलकायदा की उतनी उपस्थिति नहीं है, जितनी 9/11 हमले के दौरान थी।

भारत-अमेरिका की साझेदारी महत्वपूर्ण
वहीं समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक अमेरिका के प्रभावशाली सांसद रो खन्ना ने कहा है कि तालिबान पर लगाम लगाने और आतंकवाद को बढ़ने से रोकने के लिए भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी अब और महत्वपूर्ण हो गई है। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सिलिकान वैली से प्रतिनिधि सभा में चुने गए हैं। रो खन्ना डेमोक्रेटिक भारतीय अमेरिकी काकस के उपाध्यक्ष हैं।

पत्रकारों का उत्पीड़न कर रहा तालिबान
समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक अमेरिका ने कहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान पत्रकारों का हर स्तर पर उत्पीड़न कर रहा है। काबुल में पत्रकारों को परेशान करने और उनके साथ मारपीट करने की शिकायतें आ रही हैं, जबकि वे अपना काम कर रहे हैं। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस से जब काबुल में पत्रकारों के उत्पीड़न की घटनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हम अपने वार्ताकारों के माध्यम से हर स्तर पर इन घटनाओं को उठा रहे हैं।