भोपाल
कोरोना की दूसरी लहर के कारण मार्च से जून के बीच कोरोना संक्रमित होने वाले कर्मचारियों की मृत्यु के अधिकृत आंकड़े राज्य सरकार के पास अब तक नहीं हैं। मुख्यमंत्री कोविड 19 अनुकम्पा नियुक्ति योजना में आए आवेदनों के आधार पर ही राज्य सरकार इन आंकड़ों की गिनती कर रही है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1236 आवेदन मृतक कर्मचारियों के परिजनों ने दिए हैं जिसमें से 1087 आवेदन अभी विभागों में पेंडिंग हैं और कुल आवेदन में से 57 को विभाग प्रमुखों ने रिजेक्ट कर दिया है। सरकार ने अब तक प्राप्त अनुकम्पा नियुक्ति के कुल आवेदन में से 91 ही एप्रूव किए हैं। इस तरह 11 सौ से अधिक आवेदकों को अभी नियुक्ति का इंतजार है।
कोविड 19 वायरस ने प्रदेश में सबसे अधिक नुकसान स्कूल शिक्षा विभाग के टीचर्स के परिजनों को पहुंचाया है। शिक्षकों की मौत के आंकड़े पांच सौ से अधिक बताए जा रहे हैं। इसके विपरीत अनुकम्पा नियुक्ति के लिए अब तक चार सौ से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इसी तरह जल संसाधन विभाग के 86 अधिकारी कर्मचारी जान गवां चुके हैं पर आवेदन करने वालों की संख्या इससे कम ही है।
सबसे अधिक केस भोपाल में
जिला वार स्थिति का आकलन करने पर पता चलता है कि अनुकम्पा नियुक्ति के सबसे अधिक केस भोपाल में 142 आए हैं। इसके बाद धार में 88, खरगोन 56, बड़वानी 50, छिंदवाड़ा 48, बालाघाट 45, सिवनी 43, इंदौर 42, झाबुआ में 40 कर्मचारियों के मृत्यु के बाद आवेदन किए जा चुके हैं। इनमें 996 जिला स्तर पर और 112 विभागाध्यक्ष व 117 संभागीय स्तर पर दिए गए आवेदन शामिल हैं।
विभागों की अनुकम्पा नियुक्ति आवेदन स्थिति
जिन विभागों में अब तक अनुकम्पा नियुक्ति आवेदन सर्वाधिक आए हैं, उनमें प्रमुख विभागों में स्कूल शिक्षा विभाग 406, आदिम जाति कल्याण विभाग 215, जल संसाधन 74, लोक निर्माण विभाग 38, वन विभाग 52, उच्च शिक्षा 33, किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग 31-31, ऊर्जा विभाग 29, पशुपालन विभाग 28, पंचायत और ग्रामीण विकास 26, स्वास्थ्य विभाग 25, महिला और बाल विकास विभाग 24, नगरीय विकास और आवास विभाग 23 आवेदन शामिल हैं। राजस्व विभाग के 18,तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग के 14, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के 13, उद्यानिकी व खाद्य प्रसंस्करण, वाणिज्यिक कर विभाग व नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के 10-10 कर्मचारियों के परिजनों के आवेदन भी आए हैं।
















