अतिथी शिक्षकों के साथ अन्याय हजारों शिक्षकों ने धरना दिया, मुख्य निवास धेराव करने निकले-पुलिस ने रास्ते में रोका

रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने विभाग में एक वर्ष पूर्व व्यापम के माध्यम से चयनीत व्याख्याताओं की नियमित नियुक्ति प्रारंभ करते हुए कोरोना काल में सेवा देने वाले अतिथी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लेकर प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बधेल, एवं शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम को बदनाम करने की साजिश किया जा रहा था। विगत् दिनों राजधानी में व्यापक धरना के बाद इनकी सेवाएं 7 माह के लिए बढ़ाई गई है।

इस निर्णय से असंतुष्ट व नाराज अतिथी शिक्षक सोमवार को बुढ़ातालाब धरना स्थल से मुख्यमंत्री निवास धेराव हेतु विशाल रैली निकाली जिसे पुलिस प्रशासन द्वारा सप्रे शाला मैदा के पास रोक दिया। नाराज शिक्षकों ने सडक पर ही धरना दे दिया। अंततोगत्वा शासन स्तर पर चर्चा हेतु आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किय गया।

अतिथी शिक्षकों के धरना प्रदर्शन का छग प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध ने समर्थन किया है। संध के प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार झा, एवं प्रांतीय सचिव सी.एल.दुबे ने आंदोलनकारियों की सभा को संबोधित कर, रिक्त व्याख्याता के पदों पर सीधी भर्ती तत्काल बंद करने, पूर्व में कार्य कर चुके व्याख्याताओं को योग्यता व विषवार नियमितिकरण करने, तथा प्रतिमाह आॅनलाइन खाते में वेतन भुगतान की व्यवस्था करते हुए, अनावश्यक रूप से अतिथी शिक्षकों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध लगाने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बधेल से की है |