अछि पहल: 100 बेड का कोविड केयर सेंटर माउंट कार्मेल स्कूल ने कैंपस में बनाया 

नई दिल्ली
दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या अधिक होने के कारण मरीजों को अस्‍पताल में बेड नहीं मिल रहा है। कई मरीज समय पर इलाज न मिल पाने के कारण दम तोड़ दे रहे हैं। ऐसे में दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल ने अपने कैंपस में कोरोना केयर सेंटर बदल दिया है। ये नेक पहल दिल्‍ली के माउंट कार्मेल स्कूल ने सोमवार को की है। वैक्सीन की कमी पर बोले मनीष सिसोदिया, अन्य राज्यों की तरह ग्लोबल टेंडर निकालेगी दिल्ली सरकारवैक्सीन की कमी पर बोले मनीष सिसोदिया, अन्य राज्यों की तरह ग्लोबल टेंडर निकालेगी दिल्ली सरकार

स्‍कूल कैंपस में 100 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। दिल्‍ली के सेक्टर 22, द्वारका में स्‍कूल कैंपस में शुरू किया गया ये कोविड केंद्र, न केवल भारत में बल्कि विदेशों से भी चर्चों के स्वयंसेवकों द्वारा संचालित किया गया जा रहा है। कोरोना मरीजों को इलाज संबंधी सभी सुविधाएं मिल सके इसके लिए इस सेंटेर में सभी जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं। ऑक्सीजन प्‍लांट दक्षिण कोरिया से भेजा गया है। इस सप्ताहांत तक, एक ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। वहीं सोमवार डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने सोमवार को स्कूल का दौरा किया और इस परियोजना को मानवता का प्रतीक बताया।

स्कूल के संस्थापक वी के विलियम्स ने इसकी शुरूआत की थी, लेकिन सोमवार को इसका उद्घाटन देखने के लिए नहीं थे। 83 वर्षीय विलियम्‍स का कोरोना के चलते 2 मई को मौत हो गई थी। ये कोविड केंद्र उनके नाम पर है। माउंट कार्मेल में हल्के या मध्यम लक्षणों वाले कोविड पॉजिटिव व्यक्तियों को ही रखा जा रहा है। जबकि स्कूल के सभागार में 50 बेड लगाए गए ह हैं, शेष 50 बेड स्‍कूल की 10 कक्षाओं में हैं, एक कमरे में पांच लगाए गए हैं। । रोगियों की देखभाल उन डॉक्टरों द्वारा की जाएगी जो भारत के विभिन्न हिस्सों से आए हैं ये 70 से अधिक नर्सिंग छात्रों और पैरामेडिक्स हैं। 

विलियम के बहनोई सुनील गोकवी, केंद्र में चिकित्सा सुविधाओं की देखरेख कर रहे हैं। बाहरी डॉक्टरों के लिए रहने की सुविधा भी की गई है। माउंट कार्मेल स्कूलों के डीन माइकल विलियम्स ने कहा, "वे यहां 2-3 महीने के लिए रहेंगे।" वहीं अक्षय पात्र फाउंडेशन मरीजों के लिए भोजन की सहायता कर रहा है।" उन्‍होंने बताया कि अभी के लिए, यह सुविधा आपात स्थिति के प्रबंधन के लिए द्वारका के वेंकटेश्वर अस्पताल और उत्तरी दिल्ली के सेंट स्टीफन अस्पताल से जुड़ी है।