राज्य के किसानों को खरीफ के लिए दिया जा चुका 3243 करोड़ का ऋण, खरीफ 2022 के लिए 5800 करोड़ रूपए के ऋण वितरण का लक्ष्य

सहकारिता मंत्री डॉ. टेकाम ने खाद-बीज एवं ऋण वितरण की समीक्षा की, अधिकारियों को सितम्बर तक शत-प्रतिशत ऋण वितरण के निर्देश

रायपुर,

खरीफ सीजन 2022 में राज्य के किसानों को 5800 करोड़ रूपए का अल्पकालीन ऋण दिए जाने के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 8 लाख 19 हजार 534 किसानों को 3243 करोड़ 83 लाख 50 हजार रूपए का ऋण वितरित किया जा चुका है। ऋण लेने वाले किसानों की संख्या और राशि बीते खरीफ सीजन में इसी अवधि तक वितरित ऋण एवं किसानों की संख्या की लगभग दोगुनी है। खरीफ सीजन 2021 में 24 जून तक राज्य के 4 लाख 66 हजार किसानों ने 1760 करोड़ 63 लाख रूपए का ऋण लिया था।

यह जानकारी सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में दी गई। मंत्री डॉ. टेकाम ने अधिकारियों को किसानों को 5800 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण सितम्बर माह तक अनिवार्य रूप से वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप लाख पालन एवं मछली पालन, डेयरी एवं पशुपालन के लिए किसानों को प्राथमिकता से ऋण मुहैया कराने के निर्देश दिए। धान के बदले अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को ऋण वितरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों को प्रोत्साहित किया जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

मंत्री डॉ. टेकाम ने बैठक में रासायनिक खाद एवं खरीफ फसलों के बीज के भण्डारण एवं वितरण की स्थिति की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खाद-बीज की गुणवत्ता एवं वितरण की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को खाद के वितरण व्यवस्था पर कड़ी निगाह रखने तथा इसमें गड़बड़ी करने वाले के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के भी निर्देश दिए। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि विभागीय अधिकारी कृषि विभाग के अधिकारियों एवं उर्वरक निरीक्षकों से समन्वय बनाकर राज्य में खाद एवं बीज के वितरण की व्यवस्था बेहतर बनाए, ताकि किसानों को दिक्कत न होने पाए।

बैठक में बताया गया कि धान के बदले अन्य फसलों की खेती के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से अब तक राज्य के 7689 कृषकों को 33.38 करोड़ रूपए का ऋण प्रदाय किया जा चुका है, जिसमें मुख्य रूप से उद्यानिकी, दलहन-तिलहन और मिलेट्स की खेती करने वाले किसान मुख्य रूप से शामिल हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि सहकारी समितियों में अब तक 4.30 लाख मेट्रिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण तथा 3.31 लाख मेट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। सहकारी समितियों में वर्तमान में विभिन्न प्रकार के 98 हजार 957 मेट्रिक टन उर्वरक वितरण हेतु उपलब्ध है। इसी तरह समितियों में अब तक विभिन्न प्रकार के 4.60 लाख क्विंटल बीज का भण्डारण तथा 2.89 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में 1.71 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण के लिए उपलब्ध हैं। बैठक में गोधन न्याय योजना के तहत निर्मित कम्पोस्ट खाद के वितरण एवं भुगतान की स्थिति, सहकारी समितियों द्वारा वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान के लेखा मिलान, एकमुश्त क्षतिपूर्ति भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में सहकारिता विभाग की प्रभारी सचिव सुश्री रीता शांडिल्य, मार्कफेड की एमडी श्रीमती किरण कौशल, कृषि विभाग के संयुक्त सचिव के.सी. पैकरा, अपर संचालक कृषि एस.सी. पदम, उप सचिव सहकारिता पी.एस. सर्पराज, अपर पंजीयक एच.के. दोशी, प्रबंधन संचालक अपेक्स बैंक के.एन. कान्डे, सहकारी बैंकों के सीईओ सहित सहकारिता विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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