भाजपा जब सत्ता में थी तब कमीशनखोरी में मस्त थी सत्ता जाने के बाद सुपोषण का ख्याल आया

15 साल में भाजपा के नेता आर्थिक रूप से हष्ट पुष्ट और तंदुरुस्त हो गए बच्चे कुपोषित ही रहे

रायपुर,

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा द्वारा मोदी सरकार के तथा कथित सुपोषण अभियान पर तंज कसते हुई कहा कि जनता ने भाजपा को 15 साल दिये थे तब पूर्व के रमन सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार करने में जुटे हुए थे और छत्तीसगढ़ में 37 प्रतिशत से अधिक बच्चे कुपोषित और 41 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हो गई थी। कुपोषित बच्चों को गुणवत्ताहीन आहार बच्चों को दिया जाता रहा है। पौष्टिक आहार और अन्य प्रकार के विटामिंस प्रोटींस सप्लाई भी रमन सरकार के कमीशनखोरी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। उस दौरान बच्चे तो कुपोषित रह गए लेकिन भाजपा के नेता और उनके मंत्री अकूत कालाधन कमाए आर्थिक रूप से तंदुरुस्त हो गए। मोदी सरकार ने भी कुपोषण खत्म करने चलाए जा रहे योजनाओ के फंड में कटौती कर दिया है। ऐसे में भाजपा का सुपोषण अभियान सिर्फ राजनीतिक जुमलाबाजी के अलावा कुछ भी नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने कुपोषण को खत्म करने को एक चैलेंज के रूप में स्वीकार किया है छत्तीसगढ़ में कुपोषण को भी नक्सल समस्या की तरह ही गंभीर माना है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जयंती के दिन से शुरू की गई मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक के माध्यम से कुपोषण एनिमिया को खत्म करने के लिए सुपोषित गरम भोजन पौष्टिक आहार विटामिंस की टेबलेट घर-घर पहुंचाया गया। आज कुपोषण के मामले में राष्ट्रीय औसत 32.1 है वही छत्तीसगढ़ में 31.3 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय स्तर से नीचे है। 2019 में 4 लाख 33 हजार बच्चे कुपोषित थे इनमें से 1 लाख 72 हजार बच्चे कुपोषण के कुचक्र से बाहर आ चुके है। देश के अधिकांश राज्यों में कुपोषण की दरें बढ़ी है। छत्तीसगढ़ में कुपोषण की दरों में कमी आई है। छत्तीसगढ़ के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के हाट बाजार में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत अब तक कुल 80 हजार से अधिक हाट बाजार क्लीनिक आयोजित किए गए थे जिसके माध्यम से लगभग 32लाख लोगों का इलाज किया गया।

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